वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

नालागढ़ में “सखी पहल – सिक्योर हर फ्यूचर” के तहत शिक्षक उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित


नालागढ़, 24 मार्च।


राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नालागढ़ में “सखी पहल – सिक्योर हर फ्यूचर” परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय शिक्षक उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर शिक्षकों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार द्वारा स्वागत संबोधन और परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ हुई। इसके बाद मैनेजर (BRB) धनंजय राउत ने आइस-ब्रेकिंग सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों का परिचय कराया और “सखी पहल” के उद्देश्यों व अपेक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम जिला सोलन के विभिन्न शिक्षा खंडों के अंतर्गत आने वाले 50 सरकारी विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान सखी क्लब के गठन और संचालन पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें बताया गया कि सखी क्लब का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन को सुदृढ़ करना है। क्लब के माध्यम से सैनिटरी पैड के रखरखाव, स्टॉक प्रबंधन और स्वच्छता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर डॉ. अंजलि गोयल (मेडिकल ऑफिसर) ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के साथ-साथ मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (MHM) पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने संक्रमण से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित आदतों को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में तीन वर्षीय योजना की रूपरेखा और इसके संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की गई। जानकारी दी गई कि इस पहल के तहत छात्राओं में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए गए हैं तथा विद्यालयों में विशेष शिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष के दौरान परियोजना की प्रमुख उपलब्धियों में लगभग 300 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करना, विद्यालयों में MHM कॉर्नर की स्थापना, WASH (जल, स्वच्छता एवं स्वच्छ व्यवहार) ढांचे में सुधार, दो विद्यालयों में शौचालयों का नवीनीकरण, सुझाव पेटियों की स्थापना और सैनिटरी पैड बैंक शुरू करना शामिल है। इसके अलावा सुरक्षित निपटान के लिए मेंस्ट्रुअल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम भी लगाए गए हैं।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल आचार संहिता के तहत “क्या करें और क्या न करें” (Do’s & Don’ts) पर स्पष्ट दिशा-निर्देश विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि छात्राओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

और पढ़ें
और पढ़ें