आदित्य 8 मई (बद्दी)
हिमाचल प्रदेश ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) ने अवैध रूप से नशीली दवाओं के निर्माण और कारोबार करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। विभाग ने इस कार्रवाई में एनडीपीएस श्रेणी की भारी मात्रा में दवाएं बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार कांगड़ा के ड्रग इंस्पेक्टर कुशल से मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना में बताया गया था कि बद्दी क्षेत्र में किसी अवैध स्रोत से प्रेगाबालिन, टैपेंटाडोल और ट्रामाडोल जैसी एनडीपीएस दवाओं की सप्लाई की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य औषधि नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 7 मई की देर रात ड्रग इंस्पेक्टर विकास, सुरेश, अभिलाष और अक्षय की टीम गठित की। पुलिस की सहायता से टीम ने किशनपुरा क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर टीम ने रातभर विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं। विभाग ने करीब 1 लाख 60 हजार ट्रामाडोल टैबलेट और 60 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं।
डीसीए ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा अन्य बरामद दवाओं को लेकर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी अलग-अलग मामले दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभाग को इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
राज्य औषधि नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसी भी प्रकार की अवैध दवा गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस सफलता का श्रेय ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम और पुलिस विभाग के बेहतर समन्वय को दिया।
गौरतलब है कि यह बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 11 मई को आयोजित होने वाली 7वीं एनसीओआरडी बैठक से ठीक दो दिन पहले हुई है, जिसे विभाग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।








